“डीपफेक” के चलते सरकार ने दी चेतावनी मौजूदा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को, कहां कोर्ट में घसीटा जाएगा

 

rashmika mandhana deepfak_video

कुछ दिन पहले रश्मिका मंदाना की एक AI deep Fake वीडियो वायरल हुई थी। जिसमें किसी और एक लड़की की वीडियो में रश्मिका मंदाना का चेहरा लगाकर उस वीडियो को इंटरनेट पर डाला गया था। यह वीडियो था AI डीप फेक वीडियो। आजकल वीडियो और फोटोस के ऐसे बहुत सारे मामले सामने उबर के आ रहे हैं। इस पर सख्त कदम लेते हुए भारतीय सरकार ने दी चेतावनी मौजूदा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को।

डीप फेक वीडियो और फोटो: अब AI इंटेलिजेंस बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है जिसके चलते आई के द्वारा फोटोस को जनरेट करना और उनको मॉडिफाई करना बहुत ही आसान होता जा रहा है और सिर्फ फोटोस ही नहीं बल्कि वीडियो को भी जनरेट करना और किसी वीडियो को मॉडिफाई करना भी मुमकिन है AI के द्वारा। जैसे कि आप कुछ लाइन प्रॉम्पट लिखकर एक फोटो या वीडियो जनरेट कर सकते हैं। या फिर आप किसी वीडियो को मॉडिफाई कर सकते, हैं जैसे की वीडियो में किसी इंसान के चेहरे के ऊपर किसी और का चेहरा लगा सकते हैं।

it minister Rajiv Chandrashekhar talking about deepfake
Rajiv Chandrashekhar talking about deepfake

सरकार ने दी चेतावनी मौजूदा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को

  • 24 नवंबर भारत सरकार के आईटी मंत्रालय और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के बीच में बैठक हुई थी। जिसमें मौजूदा समस्या deepfake को रोकने के लिए आलोचना हुई थी इसके बाद आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि सरकार जल्द ही इसके खिलाफ बड़े कदम उठाने वाले हैं।
  • दूसरे आईटी मिनिस्टर चंद्रशेखर राजीव ने इस मामले को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा पहले की समय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जो कंटेंट यूजर के द्वारा डाला जाता था उसकी जिम्मेदारी इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स कि नहीं थी, उससे इन प्लेटफॉर्म्स की व्यवहार खराब हो गई है। जिस्से की बहुत टाक्सीसिटी फैल रही है। उन्होंने कहा अब से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी रहेगी कि ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर डाला ना जाए और अगर डाली हुई है तो 36 घंटे के बीच में उस वीडियो को हटाना होगा। अगर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ऐसा नहीं करते हैं तो इन प्लेटफॉर्म्स को आईपीसी और आईटी एक्ट के मुताबिक कोर्ट में घसीटा जाएगा ।

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